एक टुकड़ा सुख (सत्य कहानी के ऊपर आधारित ) in hindi

                                                एक  टुकड़ा सुख                                                                                                                                                                                                                                                                      (सत्य कहानी के ऊपर आधारित )                                                                                                                   

 सीमा और चंदन के  गृहस्थ जीवन मैं आए हुए करीब3 से 7 साल बीत चुके थे | इस बीच उन्हें 4 लड़के और एक लड़की हुई |  उनका 

परिवार की गाड़ी बड़े मजे से चल रही  थी. सीमा को जैसे सारे जहां मिल गया था, पति और बच्चे का प्यार पाकर|  क्योंकि वह अपने 

मायके में सौतेली मां की प्रताड़ना भरी जिंदगी ओ मारी थी!  इसलिए आज यहां घर  पाकर सभी पुराने दुखों को   भूल गई  थी |  बाह 

आज यह भी भूल गई  कि उसकी थोड़ी सी गलती के कारण चिन्नी मिट्टी के दो फ्लैट टूट गई थी उसकी सौतेली उसकी पीठ को एक 

जलते हुए गर्म लोहे से डाल दिया था कितने दिनों तक भाव उस चटपटा की गई थी | उसकी ना तो दूर उसकी कोई कुछ तुम्हारी तबीयत 

कैसा है|  उसने अपनी शादी को 20 साल पहले रो रो कर अपना जीवन जिया था|   उसी समय बहुत सोचती थी कि क्या उसके जीवन  मैं 

कभी भी बाहर ना आएगी? वह  प्रतिदिनदिन 4:00 बजे सुबह उठती एवं अपनी मां के परिवार की सेवा करने में डूब जाते हैं| क्योंकि 

सौतेली मां ने कभी भी उसे अपना  कभी नहीं समझा  मां और पिता  बहुत था अपने दो   जुनूनमें लगा रहता था उसे फुर्सत कहां थी कि 

परिवार  कौन रो रहा है या कौन सा हंस रहा है| सीमा सुबह उठकर दूर कुएं से पानी भर कर भाई बहनों के खाने के लिए चुने तीन पट्टी 

और सभी को खाना खिला कर खुद एक 1:30 बजे अपना मुंह धो कर खाना खा कर फिर भी उसकी मां को इतना ख्याल रखना ताकि 

इस नन्ही सी जान को कितना कष्ट होता है सोचने के बदले दिन भर हुका गुड गुडआती रहती |उसके लिए भी  कोयला आदि का प्रबंध 

सीमा को ही करना पड़ता था | उसी समय अगर उससे थोड़ी देर भी हुक्का भरने में हो जाति उसका गंदी गंदी गालियां  से स्वागत होती |
ture story in hind 2019
सीमा 








                          उन्हीं दिनों एक बार सीमा,अपने सहेली माला से रो-रो कर अपना दुख का बात कहकर को हल्का महसूस कर रही 

थी | तभी माला ने  उसी दुखी मन को देखकर शहर में लगे मेले के बारे में चर्चा की मेला विश्वभर में मैसूर था बड़े मेले में कहीं ना कहीं तो 

कहीं सुंदर किशन के घोड़े कहीं तो अधिक से अधिक दूध देने वाली गाय भैंस से तो कहीं दूर दूर से आए करम हुसन तो खाने वाली तो 

कहीं नामी-गिरामी थिएटर दो इन लोगों का कौन जीता है इस बात सुनकर शिवा रोमांचित हो उठे और माला को मेला देखने के लिए 

प्रार्थना करनेा लगी! उसी समय उसकी सौतेली मां मायके गई हुई थी वह मौका का फायदा उठाया है या! वैसे काफी बरसों से यह मेला 

देखने को तरस गई थी फिर भी  उसने किसी  ने मेला नहीं आया था| उसकी मां  8 साल होने पर ही   गुजर गई थी उसके पिता शादी कर 
एक नई  मां ले! उसी समय से उसे  दुखऔर आंसू के सिवा कुछ नहीं मिला क्योंकि उसे  नई मां का प्यार मिलता था यही कारण था कि 

छोटी सी जान पर को ममता क्या होता है उससे उसका ज्ञान भी नहीं था| माला उसके  प्रार्थना सुनकर साथ मिले मिला ले चलने के लिए 

तैयार हो गए गई तो उसे ऐसा लगा था कि वह स्वर्ग में आई गई हर तरफ बिजली के रंग बड़े बाल साबुन का जलना बुझना उसे काफी 

अच्छा लग रहा था फिल्म के गीतों की मुरली गीत उसके कान में बड़े अच्छे लग रहे कहीं आकर्षक सब्जी दुकान अच्छी लग रही थी देख 

कर आश्चर्य में डूबी गई थी क्यों लाखों की संख्या में क्योंकि भीड़ में जिस में कुछ लोग घूम रहे थे तो कुछ ना कुछ सामान खरीदे मेले से 

लौट कर दो शाम को जब हम मिले से लौटी उसने देखा कि अपने भाई के साथ माई के संयुक्त डाकू सीमा को शरीर का इस समय भूल 

ही गई थी कि अभी आ जा गले से बहुत सोचने लगी कि अगर तुम कहां से आए तो क्या जवाब देगी डीजे की आवाज जिसे सुनकर वहां मैं 
काफी देर से तुम्हें तुझे ढूंढ रही थी चाइना तू ही मेरी मां कहां गई थी बता मैं यह कह दूंगी कि तू तो दिन भर ले लेकर ऐसी है दिन भर 

कैसी है घर का सारा काम बड़ा फिर तो मुझे नहीं आंटी ऐसा नहीं कि नहीं तो रिंगटोन तो बताएं मेला देखने गए थे मिला था अच्छा तो मेरी 
मैंने कितनी गई थी सारा काम छोड़कर उसकी मां ने सीमा को बाल पकड़कर किस झटका दिया कि उसका सिर दीवार से लौट कर फूट 
गया और फिर से खून बहने लगा उस समय माला अभी उसकी मां ने खींच कर कहा उसे मत उठाओ यह कामचोर हो गई है|नहीं करती 

है लेकिन खाने का समय होता तो उनका खाना खुद खा जाती है रोने चिल्लाने लगी लेकिन उसकी मां ने मुझसे सहा की माला को सहारा 

देने पर उससे वहां से भगा दिया काफी देर तक सीमा रोती रही फिर बेहोश हो गई उसी दिन जब वह होश में आए तो अपने बंद कमरे में 
पाया यह देखकर उसकी आंखों में आंसू झलक पड़े तीन-चार दिनों तक भूखे रहना पड़ा था क्योंकि उसके पिता किसी काम से बाहर गई 

हुई थी| जिसका फायदा  उठाकर उसकी मां ने सीमा को कमरे में बंद कर दिया था |सीमा अपने दुख भरे अतीत के बारे में दुखी थी तभी 

उसका पति कमरे में आता है और उसके शरीर को हिला कर पूछता है कहां खो गई हो क्या हो गया है तो ठीक है ना| काहे घोष ने 

कितने प्रश्न कर डालें सोते से जगी थोड़ी देर अपनी चंदन को देखती रही और फिर तेजी से पूछती है एक्स माने उसे अपनी बाहों में जकड़ 
लिया और तब अपनी मन ही मन कहां है भगवान जितना दुख देना था दे दिया अब कभी भी मुझसे दुख नहीं देना प्यार में ही ही अपनी 

जिंदगी खत्म कर दूंगी लूंगी मुझे और चाहिए ही क्या ? मेरा शब कुछ मेरे पास है |सीमा आखिर तुमने हुआ क्या था जिसका पति ने पूछा |

आप के रहते मुझे कुछ भी  हो सकता है क्यासीमा ने कहा !उसके पति ने पूछा सब ठीक है और मुस्कुराते हुए पति के एक चुंबन ले लिया                                                                                                                                                                                         
ture story in hindi 2019
मैरिड   सीमा 
                                       
                                                                                                                                                                                                                                        लेकिन सीमा को यह मालूम नहीं था कि उसको खुशी के दिन लौट नहीं पड़ती थी ने वाली है और 

फिर 1 दिन जो पति था वह उसे छोड़कर वंदना से प्यार करने लगा वंदना एक खूबसूरत और कहा इतने मात्र खूबसूरती के कारण और 

भी लोगों उसके आशिक थे! धीरे धीरे चंदन ने बंदना कोअपना प्रेम जाल में फसाया?  फिर अपना रास्ता साफ करने के लिए उसके 

मास्टर को आगे की पढ़ाई के लिए मना करना चाहा ! मास्टर ने कहाह मैंने उसके  पढ़ाने की ठान ली है  पड़ाकर ही रहूंगा ! अरे तरफ से 
तुम निश्चित रहो क्योंकि  मैं तुम्हारी तरह गंदी हरकत उसके साथ नहीं करूंगा? यह कहकर चंदन उसे नोट पड़ा था उसके मन में डर था 

कि बंदना को कोई छीन ना! मनुष्य जाति में जैसा गुण हैं की  किसी वस्तु  पर अगर आपका अधिकार हो जाए तो पूर्ण स्वरूप में पाना 

चाहता है वहां स्पाइसी तक ना पड़े चंदन धीरे-धीरे  वंदना की और इसी तरह से सख्त हुआ कि अपनी पत्नी सीमा के पासआना ही छोड़ 

दिया इस कारण  सीमा     परेशान हो गई !क्योंकि भारतीय स्त्री भी नहीं चाहती है कि उसका पति से छोड़ दे चाहे वह पति उसका जीना  

दूभर कर दे!  हां पति को जीवन भर  पैरामेश्वरमानेगी |                                                                                                             
ture story in hindi in 2019
फॅमिली  सिमा 
                                                                                                                                                                                                                                                                      और यही हुआ |चंदन अपनी  सीमा को छोड़ कर एक दिन हमेशा हमेशा 

के लिए बंदना के पास आ गया इधर बिचारी सीमा प्रेमी मोहताज हो गई अपने मकान के किराए से अपने परिवार का जीवन बसर करती 

लेकिन थोड़े से पैसे के कारण कभी-कभी तो वह अपने पांचों बेटे बेटियों के साथ सो जाती थी उस समय उसके बच्चे नाबालिक थे फिर भी 
दिमाग अभी भरण पोषण कर  दुख दर्द के साथ जिए जा रही थी! क्योंकि  उसने देख लिया था कि  दुख ही मेरा सहारा है! इसीलिए बहुत 

साहस के साथ अपने बच्चों के साथ ही रही थी कभी तो कभी-कभी तो वाह पांचों बेटे बेटियों के साथ  भूख से सो जाती थी उस समय 

उसके बच्चे नाबालिक थे फिर भी सीमा भी स सुन कर दुख दर्द के साथ जी रहा था क्योंकि उसने देखा लिया था कि आप दुखी इसीलिए 

बहुत साहस से सदा अपने बच्चे के साथ जी रही थी अभी तो उसे बच्चे पढ़ने के लिए ज़िद करते तो वह एकाएक भगवान को याद कर 

देती है भगवान किस जन्म का बदला ले रहे हो क्या हमारी दुखी दुख है क्या सुख नहीं है जिंदगी भर तो हम सही है फिर भी भगवान 

तुम..... और अबउसके आंसू झलक पढ़ते थे!  फिर भी भगवान को उसका दुख देखकर थोड़ा भी तरस नहीं आया ............                                                                               
                                                   मैंने अपने बच्चे को अच्छे संस्कार देकर     पल|था |  जिस कारण बच्चे बच्चियां सभी लाइक बेटे 

की तरह पहले थे| इसीलिए वह बच्चे कितने मातृ भक्त है कि थोड़े समय के लिए से बिछड़ कर नहीं रह सकते |सीमा अपने पति से कई 

बार मिलने गई लेकिन हर बार उसकी  सौतन वंदना और उससे मारपीट कर भगा देती थी! सीमा की चूड़ियां तोड़ देती और कहती चंदन 

तुम्हारा पति नहीं है बल पति है इसीलिए वह कई बार उसकी मांग के सिंदूर को मिटा देती जिसका उन दिनों में झगड़ा होता रहता समय 

चंदन अंदर बैठकर उन दिन दोनों का लड़ाई है को देखते एवं सुनता रहता है लेकिन वह एक बार भी बाहर आकर उन दोनों की लड़ाई 

को ना रुकता और ना सीमा का पास जाकर माफी मांगता कि हमसे गलती हो गई है उसे माफ कर दो|  पुरुष जाति की क्या यही पहचान 
है कि आज एक फूलों को तो कल दूसरे फूलों को भंवरा मांग कर चूसना रहे और फिर उसे छोड़ता जाए नीति है अगर ऐसा नहीं है तो 

उन दोनों सीमा से मिलने के लिए सैकड़ों बार प्रयास किया लेकिन चंदन ने एक बार भी उससे पूछा तक नहीं तुम कैसे हो तुम्हें उड़ा तो 

नहीं है जबकि शादी के सातो फेरे लेते समय उसने सीमा को हर एक हर सुख दुख में साथ देने का कसम खाई थी लेकिन वहां मत रखो 

सालों के बाद ही इस तरह भूल गया जैसे सीमा उसके बेहतर पत्नी ना हो बल्कि कोई खरीदी गई लड़की है |                                                                                                                  
       
ture story in hindi 2019
लास्ट  फोटो  सिमा 
                                                                                                                                                                                                                                               अपने पति को बिछड़ के बाद वह 25 साल गुजार दिए| हर सावन काटे की हार 

की तरह तड़प लिए हुए था | फिर भी  जमाने से लड़ते हुए जीती चली जा रही थी आज 25 साल के बाद सीमा ने अपने बड़े लड़के राजन 

की शादी की बात कर ली इसी दस्तान सीमा ने सभी को  राजन की शादी का निमंत्रण कार्ड भेजा अंत में उसने अपने पति को भी शादी 

का कार्ड भेजा क्योंकि उनके लड़के की शादी हो रही थी और उसने उन्हें उस शादी में ना हो यह कैसे संभव हो सकता था एकाएक जब 

चंदन को अपने पुत्र की शादी का निमंत्रण कार्ड मिला तो उसका आश्चर्य और खुशी का ठिकाना नहीं रहा वो खुशी से पागल हो गई और 

आश्चर्य में पड़ सीमा को छोड़े 25 साल हो गए जब उनके आत्मा नहीं रंग दिखाने लगी फिर पश्चताप से पश्चिम में वह बोल पड़े हमने ऐसी 

गलती कैसे कर दी? लेकिन अब वह क्या कर सकती थी राजन की शादी धूमधाम से हो से हुई उनके बहू काफी खूबसूरत थी तथा अच्छे 

परिवार की बेटी थी शादी में आए सारे लोग जब लौट गए तो चंदन को अपनी पत्नी सीमा से मिलने का मौका मिला कमरे में खड़े उनका 

इंतजार कर रही थी तभी चंदन उस कमरे से प्रवेश करता है और सीमा भारतीय नारी को परंपरा के अनुसार उनका पैर छूती है फिर 

दोनों एक दूसरे से एक दूसरे को काफी देर तक टकटकी लगाकर देखते रहे उसी समय उन लोगों को ऐसा महसूस हो रहा था कि वह 

किसी भीड़ में खो गए थे दोनों एक राह पर मिल गए तभी चंदन हो उसे देखते देखते रहेंगे गले से बोलना पड़ता है सीमा मैंने तुझे फिर भी 

अभी तक मेरे प्रति वही सदा है वही विश्वास है अपने आप से मुझे काफी ग्लानि महसूस हो रही है आखिर कैसे हां मेरी सीमा माफ कर दो 

फ्री अब मैं कभी भी तुम्हें ऐसा दुख नहीं दूंगा मैंने जो 25 साल आपके बिना तड़प तड़प कर जिंदगी गुजारी है बीता हुआ समय मुझे लौटा 

सकेंगे हां मेरे देवता नी नहीं सीमा मुझे मालूम है तुम्हें मैंने कितना दुख दिया है यह कह कर वह अबोध बच्चे किस तरह रोते हुए सीमा को 

पैरों पर गिर पड़ा तभी सीमा ने उसे माफ करते हुए खेलने लगा लिया अभी नहीं बिछड़ने के लिए   |                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                      बस इतनी सी  कहानी .                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  || धन्यवाद||






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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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